मंगलौर चमारान खालसा का नाम बदलने पर छिड़ा विवाद, ग्रामीणों ने नगर पालिका में किया जोरदार प्रदर्शन
मंगलौर नगर पालिका परिषद द्वारा वार्ड नंबर 1, 'चमारान खालसा' का नाम बदलकर 'सैनी पुरा' किए जाने के प्रस्ताव ने अब तूल पकड़ लिया है। इस निर्णय के विरोध में सैकड़ों की संख्या में स्थानीय निवासियों ने नगर पालिका कार्यालय पहुंचकर जमकर नारेबाजी की और प्रशासन के खिलाफ अपना रोष व्यक्त किया।
बीती 23 अप्रैल 2026 को नगर पालिका परिषद की बोर्ड मीटिंग में एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया था। बताया जा रहा है कि राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के निर्देशों का हवाला देते हुए बोर्ड ने सर्वसम्मति से वार्ड नंबर 1 'चमारान खालसा' का नाम परिवर्तित कर 'सैनी पुरा' करने की अनुमति दी थी।
निवासियों की दलील "दस्तावेजों में दर्ज है पहचान"
नाम बदलने की सूचना मिलते ही चमारान खालसा के निवासियों में भारी आक्रोश फैल गया। विरोध प्रदर्शन कर रहे लोगों ने अधिशासी अधिकारी (EO) और नगर पालिका अध्यक्ष को एक लिखित पत्र सौंपा। ग्रामीणों का कहना है कि:
'चमारान खालसा' नाम दशकों से सभी सरकारी और गैर-सरकारी दस्तावेजों में अंकित है।
अचानक नाम बदलने से निवासियों को भारी तकनीकी और प्रशासनिक समस्याओं का सामना करना पड़ेगा।
ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि वे मानवाधिकार आयोग के इस निर्णय से सहमत नहीं हैं और अपनी पुरानी पहचान को ही बरकरार रखना चाहते हैं।
अध्यक्ष और सभासद ने दिया आश्वासन मामले की गंभीरता को देखते हुए नगर पालिका अध्यक्ष ने प्रदर्शनकारियों को शांत कराया। उन्होंने ग्रामीणों को विश्वास दिलाया कि जनता की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए इस विरोध प्रस्ताव को राज्य सरकार तक भेजा जाएगा।
वहीं, वार्ड नंबर 1 के सभासद जहीर खान ने भी ग्रामीणों की मांग का समर्थन किया है। उन्होंने अपनी सहमति जताते हुए निवासियों को भरोसा दिया कि वे नाम न बदलने के पक्ष में मजबूती से खड़े हैं और भविष्य में भी इसे यथावत रखने का प्रयास करेंगे।
"हम अपनी पहचान के साथ कोई समझौता नहीं चाहते। शासन-प्रशासन को जनभावनाओं का सम्मान करते हुए इस बदलाव को तुरंत रोकना चाहिए।"
— विरोध कर रहे स्थानीय निवासी



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